ताज महोत्सव में गूंजे देश भक्ति के तराने

सूरसदन सभागार में बही गीत-संगीत और नृत्य की त्रिवेणी
लोकगीतों पर जमकर झूमे दर्शक, स्कूली बच्चों ने भी बांध समां
आगरा। पंच प्रण, पंच संकल्प की थीम पर बुधवार को दूसरे दिन सूरसदन सभागार में विकसित भारत, देश और गुरु भक्ति के तराने गूंज। गीत-संगीत और नृत्य की त्रिवेणी में श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के छवि चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। शुरुआत में ही तरीशी गोयल ने सरगम पर आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति से लोगों का मन मोह लिया।
साहित्यकार एवं विचारक विश्वेश्वर दयाल अग्रवाल के राष्ट्र एवं गुरु भक्ति के गीत आओ मिल प्रभु गुन गाएं, राष्ट्र को महान बनाएं..पर शानू अग्रवाल ने नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। डाॅ. रेखा कक्कड़ ने श्री दयाल की कविता का पाठ किया। इस दौरान राधा-कृष्ण डांस के साथ हरियाणवी लोकगीत गूंजे। श्रीमती अनीता गौतम के निर्देशन में राधा राजपूत द्वारा राधा-कृष्ण डांस, रुबी और राधा द्वारा फूटी मटकी, दिलीप कुमार द्वारा तेरी मिट्टी में मिल जावां, गुल बनके.. जैसिका द्वारा हरियाणवी लोकगीत बहू मटक चली…पर और नताशा द्वारा घूमर नृत्य की प्रस्तुति से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं राकेश नागर के गीत कर चले हम जानो-तन फिदा साथियो… से लोगों में रोमांच भर दिया। इसके बाद भजन रामजी करेंगे बेड़ा पार से मन मोह लिया। तरीशी और देवांशी सारास्वत ने नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं की प्रस्तुति से भक्ति सागर में गोते लगवा दिए। आखिर में अलका अग्रवाल के निर्देशन में स्कूली बच्चों ने आरंभ है, प्रचंड बोले मस्तकों के झुंड पर….रोमांचित कर महफिल लूट ली। सोसायटी की सचिव पवित्रा अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। संचालन शरद यादव ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से संजय अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, दिलीप जैन, शानू अग्रवाल, गजेंद्र सिंह, सत्यवीर सिंह, गंगाराम सिंह, वर्षा चाहर आदि मौजूद रहे।