जिला उपभोक्ता आयोग का फैसलाः मोबाइल सही कर के दो या उसकी कीमत वापस करो
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम आगरा से सुनाया फैसला
मोबाइल की रकम वापसी के साथ ही 30 हजार का हर्जाना भी लगाया
आगरा। दो सप्ताह में मोबाइल सही करके दें या फिर उसकी रकम ब्याज सहित वापस करें। यह फैसला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम आगरा की अदालत ने दिया। साथ ही मानसिक पीडा क्षति और वाद खर्च के रूप में 30 हजार का हर्जाना भी लगाया। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह की अदालत ने दिया।
कचैडा बाजार बेलनगंज निवासी कुनाल गुप्ता ने 24 अप्रैल 2022 को सेमसंग मोबाइल माॅडल ग्लेक्सी एस-22 संजय पैलेस से 1 लाख 18 हजार 999 रुपये में खरीदा और उसका बीमा सर्बीफाई कम्पनी से कराया जो 23 अप्रैल 2023 तक प्रभावी था। 22 अप्रैल 2022 को उसने बीमा की किश्त 5899 रुपये अदा की। करीब पांच माह बाद मोबाइल मोटर साइकिल से गिर जाने से खराब हो गया। उपभोक्ता ने सेमसंग के सर्विस सेंटर में मोबाइल ठीक कराने को दिया। जहां उससे 1999 रुपये प्रोसिस फीस ली गई, लेकिन बाद में बीमा कम्पनी ने मरम्मत खर्च देने से मना कर दिया। इस पर उपभोक्ता ने मोबाइल मरम्मत का खर्च 88640 रुपये खुद वहन किया। इस पर पीडित ने उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। उपभोक्ता आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया कि दो सप्ताह में या तो मोबाइल चालू कर उपभोक्ता को दिया जाए या फिर मोबाइल की रकम 1 लाख 18 हजार 999 रुपये 10 अप्रैल 2023 से छह फीसद ब्याज सहित 45 दिन के अंदर अदा की जाए। ऐसा न करने पर उपभोक्ता 9 फीसद ब्याज का हकदार होगा। साथ ही मानसिक पीडा क्षति के रूप में 20 हजार और वाद व्यय खर्च 10 हजार रुपये हर्जाने के अदा किए जाने के आदेश जिला उपभोक्ता न्यायालय ने पारित किए।
