संपूर्ण हिंदू समाज एक है, कोई भेदभाव नहींः भागवत
आरएसएस प्रमुख ने वृंदावन में आयोजित सनातन संस्कृति महोत्सव को किया सम्बोधित
मथुरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को मथुरा के वृंदावन में आयोजित सनातन संस्कृति महोत्सव में हिंदू समुदाय में एकता का आह्वान किया। उन्होंने कहाकि किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। भगवत ने कहाकि भले ही दुनिया हिंदू समुदाय को जाति, धर्म, संप्रदाय और भाषा के आधार पर विभाजित देखती हो, लेकिन वे सभी एक हैं।
भागवत ने कहाकि किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। हम जिस समाज में रहते हैं उसे एक मानते हैं। हमारा मानना है कि पूरा हिंदू समाज एक है, फिर भी दुनिया इसमें भाषा, जाति, संप्रदाय और समुदाय जैसे कई विभाजन देखती है। दुनिया जितने प्रकार के हिंदुओं को पहचानती है, मेरे उन सभी प्रकारों के मित्र हैं – हम एक-दूसरे से मिलने जाते हैं, साथ खाते-पीते हैं, सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं, उन्हें मित्र मानते हैं।
इससे पहले, आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने 1 जनवरी को छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित श्री राम मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। बुधवार को आरएसएस के शताब्दी समारोह के अवसर पर भागवत ने कहाकि संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस अवसर को वीरता का कार्य नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का क्षण समझना चाहिए।
यहां एक हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए भगवत ने कहाकि संघ के कार्य के 100 वर्ष पूरे हो गए हैं, इसलिए देशभर में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहाकि शताब्दी समारोह शक्ति प्रदर्शन के लिए नहीं है। उन्होंने कहा, यह वीरता नहीं है। आरएसएस प्रमुख ने संगठन की उत्पत्ति को याद करते हुए कहाकि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने अपने रक्त से इस संघ की स्थापना की।
