भाजपा को जल्द मिलेगा नया प्रदेश अध्यक्षः भूपेन्द्र

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दावेदारों की लिस्ट में कई दावेदारों के नाम

लखनऊ। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चैधरी ने कहाकि जल्द ही यूपी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जायेगा। चैधरी ने कहाकि योगी सरकार भारतीय विरासत आस्था और परंपराओं को आगे बढ़ा रही है। अयोध्या में भगवान श्रीराम का जन्म स्थान है और अयोध्या हमारी संस्कृति का एक हिस्सा है। भाजपा के एजेंडा में अयोध्या है। उन्होंने कहाकि भाजपा एक ऐसी अकेली पार्टी है जिसने अपने संकल्प पत्र में कहा था कि यदि उसे सरकार बनाने का मौका जनता देगी तो वह अयोध्या में श्रीराम के जन्म स्थान पर मंदिर निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर करेगी।

भूपेंद्र चैधरी ने कहाकि संगठन की द्दष्टि से हमारे अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है। हम लोगों ने अपने संगठनों के माध्यम से सदस्यता अभियान चला रहे हैं। 98 में से 84 जिलाध्यक्ष घोषित किया जा चुके हैं। प्रदेश का संगठन प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए तैयार है जब भी केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी प्रदेश कमेटी इसके लिए तैयार है। चुनाव होने के बाद संगठन के महापर्व की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। भाजपा एक वैधानिक तरीके से चलने वाला दल है। इसलिए हम लोग बहुत तेजी से संगठन के गठन की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष कब तक मिलेगा के सवाल पर उन्होंने कहाकि मैं नहीं कह सकता कि कब नया प्रदेश अध्यक्ष मिलेगा फिर भी बहुत जल्द ही आप को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल जाएगा। जैसा कि कहा गया है की उल्टी गिनती शुरू हो गई है तो यहां भी वही बात है तीन चार राज्य जो भी बचे हुए हैं जल्द ही उनमें नई प्रदेश अध्यक्ष का चयन हो जायेगा। चैधरी ने कहाकि एसआईआर चुनाव आयोग की एक संवैधानिक प्रक्रिया है। हमारा संगठन उसमें सहयोग कर रहा है। आंशिक पुनरीक्षण का कार्य तो हमेशा से होता चला आया है। अब बीस साल बाद एसआईआर का कार्य हो रहा है, जिससे मतदाताओं को लिस्ट में स्थान मिले।

ये है दावेदारों की लिस्ट

भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कई दावेदार हैं, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि सबसे ज्यादा उम्मीद ओबीसी अध्यक्ष बनने की है। ज्यादातर पार्टी के शीर्ष नेता यही चाहते हैं। खासतौर से 2027 के चुनाव को देखते हुए सबसे बड़े ओबीसी वर्ग को पार्टी अपने साथ रखना चाहती है। इसके अलावा ओबीसी दावेदारों में धर्मपाल सिंह, स्वतंत्र देव, अमर पाल मौर्य, बीएल वर्मा और बाबू राम निषाद का नाम चर्चा में है। दलित चेहरों में विनोद सोनकर, जुगल किशोर और विद्या सागर सोनकर और आगरा से पूर्व सांसद डाॅ. राम शंकर कठेरिया का नाम शामिल है। ब्राह्मण चेहरे में डॉ. दिनेश शर्मा, श्रीकांत शर्मा, विजय बहादुर पाठक और गोविंद नारायण शुक्ला का नाम चर्चा में हैं।

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