भाजपाइयों की काली कमाई के स्वर्णीकरण की वजह से बढ़ रहे सोने के दामः अखिलेश
सपा सुप्रीमो ने कहा, जमाखोरी की वजह चांदी भी गरीब की पहुंच से बाहर
सोने के दाम अंतराष्ट्रीय बाजार से तय हो रहे हैं तो खुलासा करे सरकार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि सोने की कीमत में बढ़ोतरी जनता की मांग की वजह से नहीं बल्कि सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं की काली कमाई का स्वर्णीकरण करने की वजह से हो रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट मेंयह भी आरोप लगाया कि भाजपाइयों के बीच मची बहुमूल्य धातुओं की जमाखोरी की वजह से अब तो चांदी भी गरीब की पहुंच से बाहर हो गयी है। उन्होंने कहाकि इस वजह से हालात ऐसे हो गए हैं कि गरीब आदमी शादी-ब्याह में आशीर्वाद स्वरूप अपनों को सोने की एक लौंग तक नहीं दे सकता है।
एक लाख 20 हजार प्रति तोला तक पहुंचा सोना
यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में कहाकि सोने के दाम सारे रिकॉर्ड तोड़कर एक लाख 20 हजार प्रति तोला तक पहुंच रहे हैं। इसी पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया, भाजपा राज में सोने के दामों का बेतहाशा बढ़ने का कारण आम जनता के बीच सोने की मांग बढ़ना नहीं है बल्कि इसका कारण महाभ्रष्ट भाजपाइयों की तरल काली कमाई को ठोस में बदलने वाला स्वर्णीकरण है।
यादव ने कहाकि अब भाजपाई प्रचारतंत्र ये कहेगा कि भाजपा सरकार क्या करे, सोने के दाम तो अंतरराष्ट्रीय बाजार से तय होते हैं। अगर ये सच है तो सरकार इस बात का खुलासा करे कि दाम बढ़ने के बावजूद भी अर्थव्यवस्था के किस नियम और सिद्धांत के तहत विलासी-धातुओं के दाम बढ़ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या सोने की जमाखोरी के लिए भाजपा सरकार में किसी के पास कोई ड्रोन, दूरबीन या बुलडोजर नहीं है। उन्होंने कहाकि कहीं ऐसा तो नहीं जिसे लोग लोहे का डबल इंजन समझ रहे हैं वो भी अंदर से सोने का हो चुका है।
